ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस ने सोमवार को अपने एक बयान में, परमाणु समझौते में अपने वचनों के पालन न किये जाने की ओर बिना कोई संकेत किये, ईरान द्वारा नयी सेन्ट्रीफ्यज मशीने लगाए जाने पर चिंता प्रकट की।
ईरान के सरकारी प्रवक्ता अली रबीई ने मंगलवार को एक पत्रकार सम्मेलन में कहा नतन्ज़ में लगायी गयी सेन्ट्रीफ्यूज मशीनें IR2M पीढ़ी की हैं जो IR1 की तुलना में 6 गुना अधिक क्षमता से यूरेनियम का संवर्धन करती हैं और ईरान ने जो भी किया है वह परमाणु समझौते में अपने वचनों के पालन में कमी के पांच क़दमों के दायरे में है और इसकी सूचना आईएईए को भी दे दी गयी है तथा इन मशीनों को आईएईए के निरीक्षण में लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि अगर परमाणु समझौते के अन्य पक्ष अपने वचनों का पालन करने लगें तो ईरान पीछे हट जाएगा।
ईरान के सरकारी प्रवक्ता ने जापान और इलाक़े के कुछ देशों की ओर से ईरान के साथ परमाणु वार्ता में भाग लेने में दिलचस्पी पर कहा कि ईरान, एक दोस्त व अंतरराष्ट्रीय मामलों में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में जापान की अधिक सक्रिय भूमिका का स्वागत करता है लेकिन परमाणु वार्ता, ईरान की नज़र में अब खत्म हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि परमाणु समझौता कोई एेसा विषय नहीं है जिस पर फिर से वार्ता हो या कोई अन्य सदस्य भी उसमें बढ़ जाए।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि कोई नयी वार्ता नहीं होने जा रही है बस अब सभी पक्षों को समझौते में किये गये अपने अपने वचनों का पालन करना है।